दुबई/तेल अवीव:
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक यात्री उड़ान में हुई गंभीर घटना के बाद ओमानी को-पायलट की पृष्ठभूमि जांच के दायरे में आ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह लगभग नौ महीने पहले एयरलाइन में नियुक्त हुआ था। उसके एक सहकर्मी ने कथित तौर पर उसके धार्मिक व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी।
हालांकि, जांच एजेंसियों ने अब तक घटना के पीछे किसी निश्चित मकसद या आतंकवादी संगठन से संबंध की पुष्टि नहीं की है।
क्या है पूरा मामला?
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच गंभीर घटना हुई, जिसमें भारतीय कप्तान स्मित मच्छर घायल हो गए।
रिपोर्टों के अनुसार, को-पायलट ने कप्तान पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। इस दौरान विमान तेजी से नीचे आया।
यात्रियों और रिजर्व क्रू के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाला गया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
सहकर्मी ने क्या दावा किया?
मीडिया रिपोर्ट्स में एक सहकर्मी पायलट के हवाले से दावा किया गया है कि संदिग्ध को-पायलट लगभग आठ से नौ महीने पहले एयरलाइन में शामिल हुआ था।
सहकर्मी के कथित बयान में उसके अत्यधिक धार्मिक व्यवहार और महिला सहकर्मियों से हाथ मिलाने से इनकार करने का उल्लेख किया गया है।
इन दावों को जांच में स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। धार्मिक आचरण अपने आप में हिंसक विचारधारा या किसी अपराध का प्रमाण नहीं है।
कई देशों की एजेंसियां कर रहीं जांच
घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने जांच शुरू की है। सऊदी अरब, इजरायल, अमेरिका और ओमान से जुड़ी एजेंसियों के बीच भी मामले को लेकर सहयोग की खबरें सामने आई हैं।
जांच में कई सवालों पर ध्यान दिया जा रहा है:
घटना के पीछे वास्तविक मकसद क्या था?
क्या हमले की पहले से कोई योजना बनाई गई थी?
को-पायलट को तेल अवीव जाने वाली उड़ान पर कैसे नियुक्त किया गया?
क्या किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
भारतीय कप्तान की बहादुरी
घटना में घायल भारतीय कप्तान स्मित मच्छर की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने गंभीर स्थिति में आपातकालीन संकेत भेजा और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को हस्तक्षेप करने का अवसर मिला।
भारत और इजरायल के नेताओं ने उनके साहस की सराहना की है।
फ्लाईदुबई ने इजरायल की उड़ानें रोकीं
घटना के बाद फ्लाईदुबई ने जांच जारी रहने तक इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की।
यह मामला अब विमानन सुरक्षा, क्रू की नियुक्ति प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़े व्यापक सवाल उठा रहा है।
फिलहाल, संदिग्ध के कथित कट्टरपंथी झुकाव और घटना के वास्तविक उद्देश्य के बीच कोई पुष्ट संबंध सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
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